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उत्‍तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड

उत्तर प्रदेश सरकार

ग्रामोद्योगी योजना

"खादी" का अर्थ है कपास, रेशम या ऊन के हाथ कते सूत अथवा इनमें से दो या सभी प्रकार के सूतों के मिश्रण से भारत में हथकरघे पर बुना गया कोई भी वस्त्र।

"ग्रामोद्योग" का अर्थ है, ऐसा कोई भी उद्योग जो ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हो तथा जो विद्युत के उपयोग या बिना उपयोग के कोई माल तैयार करता हो या कोई सेवा प्रदान करता हो तथा जिसमें स्थायी पूँजी निवेश (संयंत्र तथा मशीनरी एवं भूमि भवन में) प्रति कारीगर या कर्मी पचास हजार रूपये से अधिक न हो। इस हेतु परिभाषित "ग्रामीण क्षेत्र में" समस्त राजस्व ग्राम तथा 20 हजार तक की आवादी वाले कस्बे सम्मिलित है।

निगरानी

निगरानी राज्य/अंचल/राष्ट्रीय स्तर पर की जाएगी।

बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज

सहायक सेवा के रूप में योजना के अन्तर्गत बैकवर्ड फॉरवर्ड लिंकेज के लिए निधि उपलब्ध कराई जाएगी।

उद्योग समूह

खादी और ग्रामोद्योग आयोग के कार्यक्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले निम्नलिखित ग्रामोद्योग/परियोजना को सात प्रमुख समूहों में बांटा गया है।

पात्र सम्भावित ग्रामोद्योग

समूह I खनिज आधारित उद्योगः– (1) कुटीर कुम्हारी उद्योग (2) चेकर्स टाइल्स/सीमेन्ट जॉली/इन्टरलॉकिंग ब्रिक्स उद्योग (3) मन्दिरों और भवनों के लिए पत्थर कटाई,पिसाई, नक्कासी तथा खुदाई (4) पत्थर से बनी हुई उपयोगी वस्तुएं (5) स्लेट और स्लेट पेंसिल का निर्माण (6) चाँदी, पत्थर सीपी और कृत्रिम सामग्रियों से आभूषण का निर्माण (7) गुलाल रंगोली का निर्माण (8) चूड़ी निर्माण (9) पेंट, रंजक, वार्निश और डिस्टेंपर का निर्णाण (10) शंख के खिलौनों का निर्माण (11) सजावटी शीशों की कटाई, डिजाइनिंग, पॉलिशिंग (12) रत्न कटाई।

समूह II वनाधारित उद्योग

(13) हाथ कागज (14) कत्था निर्माण (15) गोंद और रेजिन निर्माण (16) लाख निर्माण (17) कुटीर दियासलाई उद्योग, पटाखे और अगरबत्ती निर्माण, (18) बांस और बेंत कार्य (19) कागज के प्लेट-तश्तरी, झोले और कागज के डिब्बे का निर्माण (20) कॉपियों की जिल्दसाजी, लिफाफा, निर्माण और कागज से बनाई जाने वाले अन्य लेखन सामग्रियाँ (21) खस टट्टी और झाडू निर्माण (22) वनोत्पादों का संग्रह प्रशोधन और पैकिंग (23) फोटो जड़ना (24) जूट उत्पादों का निर्माण (रेशा उद्योग के अन्तर्गत)

समूह III कृषि आधारित और खाद्य उद्योग

(25) अनाज, दाल, मसाला, चटपटे मसाले आदि का प्रशोधन, पैकिंग और विपणन (26) नूडल निर्माण (27) विद्युत आटा चक्की (28) दलिया निर्माण (29) चावल का छिलका उतारने की छोटी इकाई, मिनी राइस मिल, दाल मिल (30) ताड गुड़ निर्माण और अन्य ताड़ उत्पाद उद्योग (31) गन्ना गुड़ और खांडसारी निर्माण (32) भारतीय मिष्ठान निर्माण (33) रसवन्ती गन्ना रस-इकाई (34) मधुमक्खी पालन (35) अचार सहित फल और सब्जी का प्रशोधन, परिरक्षण एवं डिब्बा बंदी (36) धानी तेल उद्योग (37) नारियल जटा का रेशा (38) मेन्थॉल तेल (39) औषधीय कार्यों के लिए जड़ी बूटियों का संग्रह (40) मक्का और रागी का प्रशोधन (41) सज्जा कार्य, सज्जा चटाइयों और हार आदि का निर्माण (42) काजू प्रशोधन (43) पत्ते का दोना बनाना (44) दुग्ध उत्पाद निर्माण इकाई (45) पशु चारा, मुर्गी चारा निर्माण।

समूह IV बहुलक और रसायन आधारित उद्योग

(46) पशु श्वाच्छेदन, चर्म शोधन तथा खाल व त्वचा से सम्बन्धित अन्य सहायक उद्योग एवं कुटीर चर्म उद्योग (47) कुटीर साबुन उद्योग (48) रबर वस्तुओं का निर्माण (डिप्ड लेटेक्स उत्पाद) (49) रेग्जीन पी०वी०सी० से बने उत्पाद (50) हाथी दाँत समेज सींग और हड्डी उत्पाद (51) मोमबत्ती, कपूर और मोहर वाली मोम का निमार्ण (52) प्लास्टिक की पैकेजिग वस्तुओं का निर्माण (53) मेंहदी निर्माण (54) इत्र निर्माण (55) शैम्पू निर्माण (56) केश तेल निर्माण (57) डिटरजेंट और धुलाई पाउडर निर्माण (अविषाक्त)

समूह– V इन्जीनियरिंग और गैर परम्परागत ऊर्जा

(58) बढ़ई गिरी (59) लोहारी (60) अल्युमिनियम के घरेलू बर्तनों का उत्पादन (61) गोबर और अन्य अपशिष्ट उत्पाद जैसे मृत पशु के मांस और मल से खाद और मेथेन (गोबर) गैस का उत्पादन और उपयोग (62) कागज पिन क्लिपन सेफ्टी पिन (63) स्टोव पिन आदि का निर्माण (64) केचुआ पालन तथा कचरा निपटारा (65) सजावटी बल्बों बोतलों ग्लासों आदि का निर्माण (66) छाता उत्पादन (67) सौर तथा पवन ऊर्जा उपकरण (68) हस्त निर्मित कांसे के बर्तनों का निर्माण (69) हस्त निर्मित तांबे के बर्तनों का निर्माण (70) पीतल, तांबे और कांसे से अन्य वस्तुओं का निर्माण (71) रेडियो निर्माण, कैसेट रिकार्डर का निर्माण (72) लकड़ी पर नक्कासी और कलात्मक फर्नीचर निर्माण (73) इलेक्ट्रानिक घड़ियों और अलार्म घड़ियों का निर्माण (74) लकड़ी पर नक्कासी और कलात्मक फर्नीचर निर्माण (75) टीन कार्य (76) मोटर बाइंडिंग (77) तार की जाली बनाना (78) लोहे का झंझरी (प्रिल) निर्माण (79) ग्रामीण यातायात वाहनों जैसे हाथ गाड़ी बैलगाड़ी, छोटी नाव, दुपहिया साइकिल/साइकिल रिक्शा, मोटर युक्त गाड़ियों का निर्माण (80) संगीत साजों का निर्माण।

समूह– VI वस्त्रोद्योग

(81) होजरी (82) सिलार्इ और सिली–सिलाई पोशाक तैयार करना (83) छींटकारी (84) खिलौने और गुड़िया निर्माण (85) धागे का गोला,ऊनी गोला तथरा लच्छी निर्माण (86) कशीदाकारी (87) शल्प चिकित्सीय पट्टी निर्माण(88) स्टोब की बत्तियाँ।

समूह VII सेवा उद्योग

(89) धुलार्इ (90) नार्इ (91) नलसाजी (92) बिजली की वायरिंग और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत (93) डीजल इंजनों, पंप सेटों आदि की मरम्मत (94) टायर वल्कनीकरण (रिट्रीडिंग) इकाई (95) छिलकाव (97) पंप सेटों आदि के लिये कृषि सेवा कार्य (98) लाउस्पीकर (99) ध्वनि प्रसारक, माइक आदि प्रमणालियों को किराये पर देना (100) राजगीर (101) बैंड मंडली (102) शाकाहारी ढाबा शराब रहित (104) चाय की दुकान (105) आटो मोबाइल वर्कशाप आदि।

निषिद्ध कार्यों की सूची

मांसाहार से जुड़े उद्योग अर्थात् उसका प्रसस्करण, डिब्बाबंदी या माँसाहारी खाद्यपदार्थों परोसना, बीडी, पान सिगार, सिगरेट आदि नशीली वस्तुओं का उत्पादन और बिक्री, कोई ऐसा होटल या ढाबा जहाँ शराब या माँसाहारी भोजन परोसा जाता हो, कच्चे माल के रूप में तम्बाकू का प्रयोग, ताड़ी चुवाना और बेचना, चाय, कॉफी, रबर आदि के बगान सहित फसलों की खेती से जुड़े उद्योग/कार्य, रेशमपालन (कुक्कटपालन), बागवानी हार्देसटर सहित पुष्पोनिकी मत्स्यपालन, शूकरपालन, मुर्गीपालन, पशुपालन कार्य, वातावरण को प्रदूषित करने वाले 20 माइक्रोन से कम मोटार्इ वाले पॉलिथिन की थैलियों का विनिर्माण और पुनः चक्रीकृत प्लास्टिक से बने थैले या कन्टेनर या कोई ऐसा उत्पाद जो पर्यावरण को नुकसान पहुँचा सकता है, ग्रामीण परिवहन (अंडमान और निकोबार में ऑटो रिक्शा, जम्मू और कश्मीर में हाउस बोट,शिकारा और पर्यटक नौका और साईकिल रिक्शा को छोड़कर)। अधिक जानकारी के लिए खादी और ग्रामोद्योग आयोग/जिला ग्रामोद्योग कार्यालय उ०प्र०/खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड/जिला उद्योग केन्द्र/बैंक के निकटतक कार्यालय से सम्पर्क करें।