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उत्‍तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड

उत्तर प्रदेश सरकार

कर्तव्य एवं दायित्व

1. मुख्य कार्यपालक अधिकारी

  1. बोर्ड के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के रूप में कार्य करना।
  2. बोर्ड के कार्यक्रमों एवं नीतियों को क्रियान्वित करना।
  3. बोर्ड के समस्त अनुभागों, योजनाओं, अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर प्रशासकीय नियंत्रण रखना।
  4. ऐसे कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन करना जो बोर्ड द्वारा समय-समय पर प्रतिनिधानित किये गये हैं।
  5. शासन/उद्योग को वार्षिक आय-व्यय चिट्ठा तथा योजनाओं का कार्यक्रम प्रेषित करना।
  6. बोर्ड के समस्त अधिकारियों तथा कर्मचारियों को अपने अनुशासन में रखना।
  7. बोर्ड के अधिनियमों के अनुसार बोर्ड तथा अन्य समितियों,उप समितियों की ओर से अध्यक्ष/उपाध्यक्ष के निर्देशानुसार बैठक का कार्यक्रम सुनिश्चित करना और बैठक की कार्यवाही का रिकार्ड रखना।
  8. समस्त महत्वपूर्ण पत्रों एवं मामलों को यथा समय बोर्ड के समक्ष रखना।
  9. बोर्ड एवं बोर्ड की समितियों के निर्णयों के अनुपालन हेतु निर्देश जारी करना।
  10. शासन द्वारा अनुमोदित आय-व्ययक प्राविधान के अन्तर्गत व्यय करना।
  11. बोर्ड तथा स्थायी वित्त समिति द्वारा निर्धारित पैटर्न आफ असिस्टेन्स के अनुसार व्यवस्थापकीय अनुदान, उत्पादन छूट आदि स्वीकृत करना।
  12. आयोग, शासन अथवा बोर्ड द्वारा निर्धारित पैटर्न आफ असिस्टेन्स के अनुसार व्यवस्थापकीय अनुदान, उत्पादन छूट आदि स्वीकृत करना।
  13. संस्थाओं, समितियों तथा व्यक्तियों को बोर्ड की ओर से बिक्री कर तथा चुंगी आदि की छूट के लिये आयोग या शासन के निर्देशानुसार प्रमाण-पत्र जारी करना।
  14. बोर्ड की ओर से विलेखों तथा इस प्रकार के अन्य कागजातों पर हस्ताक्षर करना।
  15. बोर्ड के कार्मिकों के सेवा सम्बन्धी प्रकरणों का निस्तारण करना तथा अनुशासनात्मक कार्यवाहियाँ करना।
  16. बोर्ड के अन्तर्गत बोर्ड के अधिनियम के अनुसार केवल मुख्य कार्यपालक अधिकारी/उपाध्यक्ष को ही बैंक से आहरण का अधिकार है, किन्तु प्रारम्भ से ही अर्थात् वर्ष 1960 से ही मुख्य कार्यपालक अधिकारी को ही आहरण एवं वितरण के अधिकार प्राप्त हैं।
  17. बोर्ड के अन्तर्गत सहकारी समितियों के गठन, पुनर्जीवीकरण एवं विघटन की कार्यवाही के लिए उ० प्र० सहकारी समिति अधिनियम 1965 एवं नियमावली 1968 के अन्तर्गत निबंधक के समस्त अधिकार प्राप्त हैं।