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उत्‍तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड

उत्तर प्रदेश सरकार

सामान्य प्रश्न

प्रश्न 1 : ऋण सहायता सुविधा किसको?

उत्तर : उ०प्र० खादी तथा ग्रामोद्योग द्वारा दी जाने वाली सहायता सुविधा हेतु निम्न पात्र है:-

  1. पंजीकृत ग्रामोद्योगी सहकारी समितियाँ।
  2. पंजीकृत स्वयं सेवी संस्थाएं।
  3. व्यक्तिगत उद्यमियों के साथ-साथ शिक्षित बेरोजगार नवयुवकों, महिलाओं, अनुसूचित जाति व जनजाति के सदस्य एवं परम्परागत कारीगर।

प्रश्न 2 : सहायता किन ग्रामीण उद्योगों हेतु दी जाती है?

उत्तर : खादी ग्रामोद्योग को 7 समूहों में बांटा गया है, जिसके अन्तर्गत निम्नलिखित उद्योग आते है:-

1. खनिज आधारित उघोग:-

  1. कुटीर कुम्हारी उद्योग।
  2. चूना पत्थर,चूना सीपी और अन्य चूना उत्पाद उद्योग।
  3. मन्दिरों एवं भवनों के लिए पत्थर कटाई, पिसाई,नक्काशी तथा खुदाई।
  4. पत्थर से बनी हुई उपयोगी वस्तुएं।
  5. प्लेट और स्लेट पेंसिल निर्माण।
  6. प्लास्टर आफ पेरिस का निर्माण।
  7. बर्तन धोने का पाउडर।
  8. जलावन के ब्रिकेट्स।
  9. सोना चाँदी, पत्थर सीपी और कृत्रिम सामग्रियों से आभूषणों का निर्माण।
  10. गुलाल, रंगोली निर्माण।
  11. चूड़ी निर्माण।
  12. पेंट, रंजक, वार्निश और डिस्टेम्पर निर्माण।
  13. काँच के खिलौने का निर्माण।
  14. सजावटी शीशे की कटाई, डिजाइनिंग, पालिशिंग।
  15. रत्न कटाई।

2. वनाधारित उद्योग:-

  1. हाथ कागज उद्योग।
  2. कत्था निर्माण।
  3. गोंद और रेजिन निर्माण।
  4. लाख निर्माण।
  5. कुटीर दियासलाई उद्योग, पटाखे और अगरबत्ती निर्माण।
  6. बांस और बेंत कार्य।
  7. कागज से प्याले, तश्तरी, झोले ओर कागज के डिब्बे का निर्माण।
  8. कापियों का निर्माण, जिल्दसाजी, लिफाफा निर्माण, रजिस्टर निर्माण और कागज से बनाई जाने वाली अन्य लेखन सामग्रियाँ।
  9. खस टट्टी और झाडू निर्माण।
  10. वनोत्पादों का संग्रह प्रशोधन एवं पैकिंग।
  11. फोटो जड़ना।
  12. जूट उत्पादों का निर्माण (रेशा उद्योग के अन्तर्गत)।