English
उत्‍तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड

उत्तर प्रदेश सरकार

कौशल सुधार प्रशिक्षण योजना

उ०प्र० खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित की जा रही कौशल सुधार प्रशिक्षण योजना आयोजनागत मद में प्रारम्भ हुई। योजना का क्रियान्वयन बोर्ड द्वारा संचालित 10 मण्डलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केन्द्रों के माध्यम से प्रदेश के समस्त जनपदों में किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत चयनित उद्यमियों को उद्योग विशेष में कौशल सुधार प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

कौशल सुधार प्रशिक्षण योजनान्तर्गत स्किल अपग्रेडेशन एण्ड प्रमोशन हेतु 15 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है जिसमें लाभार्थियों को सम्मिलित किया जाता है। इसके अन्तर्गत लाभार्थियों को उत्पादन प्रक्रिया से लेकर बिक्री करने तक की पूर्ण जानकारी दी जाती है ताकि वह अपना स्वरोजगार आसानी से स्थापित कर सके।

यह प्रशिक्षण इस उद्देश्य के साथ संचालित किया जाता है कि उद्यमी इसके माध्यम से कौशल प्राप्त करके अपना रोजगार स्वयं की पूंजी से या सरकारी एजेन्सी से वित्तीय सहायता प्राप्त करके स्थापित कर सकें जिससे उनका आर्थिक विकास सम्भव हो सके। तथा आधुनिक तकनीक एवं कौशल वृद्धि से नये, अधिक अच्छे एवं अधिक गुणवत्तायुक्त उत्पाद बना सके।

वर्ष 2005-06 से आयोजनागत मद में कौशल सुधार प्रशिक्षण योजना शासन से के लभार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान कराये जाने हेतु स्वीकृत है।


योजनान्तर्गत विज्ञापन के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक जनपद में प्रशिक्षार्थियों की मांग के अनुरूप निम्न ट्रेड में चयन किया जाता हैः-

  • मौनपालन
  • एग्रोबेस्ट ट्रेड, फल प्रशोधन, मसाला, पापड़, बड़ी एवं अन्य खाद्य प्रसंस्करण
  • दरी एवं कारपेट बुनाई/रेशा उद्योग
  • पाटरी, अगरबत्ती, मोमबत्ती एवं चाक मेकिंग
  • कटिंग टेलरिंग/जरी कढ़ाई
  • हाथ कागज की निर्मित उपयोगिता वस्तुएं
  • डिटर्जेन्ट पाउडर
  • चर्म निर्मित उपयोगी वस्तुएं
  • बॉसबेंत
  • इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रिानिक्स उद्योग
  • सेवा उद्योग आदि।

प्रशिक्षार्थियों का चयन प्रचार-प्रसार एवं विज्ञापन के माध्यम से निम्नलिखित कमेटी द्वारा किया जाता हैः-

  • प्राचार्य, अध्यक्ष
  • समाज कल्याण अधिकारी
  • लीड बैंक अधिकारी
  • खण्ड विकास अधिकारी
  • ग्राम प्रधान
  • जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, संयोजक/सदस्य

चयन के उपरान्त प्रशिक्षार्थियों का उनके सुविधाओं के अनुरूप केन्द्र या जनपद स्तर पर या गांव स्तर पर 15 दिन का प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। इसके अन्तर्गत प्रथम दो सत्र में उद्योग प्रबन्धन से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर जानकारी दी जायेगी एवं लंच के उपरान्त तीन घण्टें प्रतिदिन प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जायेगी। इस प्रशिक्षण के अन्तर्गत प्रशिक्षार्थियों को उत्पादन प्रक्रिया से लेकर बिक्री करने तक की पूर्ण जानकारी दी जायेगी ताकि वह अपना करोबार आसानी से स्थापित कर सके। प्रशिक्षार्थियों द्वारा उत्पादित सामग्री को उन्हीं के बीच बराबर-बराबर बॉट दिया जायेगा। जो प्रशिक्षार्थी बोर्ड की योजनाओं के अन्तर्गत उद्योग लगाना चाहते हैं, उन्हें वरीयता दी जायेगी। यह प्रशिक्षण इस उद्देश्य के साथ संचालित किया जायेगा कि उद्यमी इसके माध्यम से कौशल प्राप्त करके अपना रोजगार स्वयं की पूँजी से या सरकारी एजेन्सी से वित्तीय सहायता प्राप्त करके स्थापित कर सके, जिससे उनका आर्थिक विकास सम्भव हो सके। प्रदेश की आबादी एवं बेरोजगारी तथा नवयुवकों का शहरों की तरफ हो रहे पलायन को दृष्टिगत रखते हुए उनकी आबादी के अनुसार उनके ही गांवों में ग्रामोद्योगी इकाईयों की स्थापना अधिक से अधिक हो सके। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2014-15 में रू०75,00 (रू० पचहत्तर लाख मात्र) का वित्तीय स्वीकृति शासन को प्रदान की गयी, जिससे 1875 प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान कराया जा रहा है। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु आगामी वित्तीय वर्ष 2015-16 हेतु रू० 150,00 (रू० एक करोड़ पचास लाख मात्र) की आवश्यकता है, जिससे 3750 प्रशिक्षार्थियों को प्रतिशत किया जायेगा।

(25 प्रशिक्षार्थियों हेतु प्रति सत्र)

1 चयन हेतु विज्ञापन     रू० 2500.00 प्रति सत्र
2 प्रशिक्षण व्यवस्था/आवासीय सुविधा रू० 500.00 प्रतिदिन रू० 7500.00 प्रति सत्र
3 जलपान (120×25×15) रू० 45000.00 प्रति सत्र
4 प्रयोगात्मक प्रशिक्षण हेतु मास्टर ट्रेनर की व्यवस्था (75×13) रू० 9750.00 प्रति सत्र
5 साहित्य एवं लेखन सामग्री (200×25) रू० 5000.00 प्रति सत्र
6 अतिथि संकाय मानदेय (500×26) रू० 13000.00 प्रति सत्र
7 प्रयोगात्मक प्रशिक्षण हेतु कच्चा माल एवं विविध सामग्री रू० 5000.00 प्रति सत्र
8 छात्रवृत्ति (500×25) रू० 12500.00 प्रति सत्र
 कुल योग-    रू० 1,00,000.00 प्रति सत्र
क्र०सं० शीर्षक साइज भाषा दिनांक समय विस्तार से देखें
1 वित्तीय वर्ष 2015-16 में व्यवहारिक प्रशिक्षण योजना आयोजनेत्तर मद अनुदान सं०-05 के अन्तर्गत शासन से प्राविघानित बजट रू० 50.00 लाख के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृति के क्रम में प्रशिक्षण केन्द्रवार/जनपदवार आवंटित धनराशि एवं प्रशिक्षण लक्ष्य के सापेक्ष प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम का तिथिवार विवरण 2.46 MB हिंदी 09.05.2017 04:43pm pdf विस्तार से देखें
2 वित्तीय वर्ष 2015-16 में कौशल सुधार प्रशिक्षण योजना (सामान्य) अनुदान सं०-05 के अन्तर्गत शासन से प्राविघानित बजट रू० 75.00 लाख के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृति के क्रम में प्रशिक्षण केन्द्रवार/जनपदवार आवंटित धनराशि एवं प्रशिक्षण लक्ष्य के सापेक्ष प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम का तिथिवार विवरण 3.50 MB हिंदी 09.05.2017 04:43pm pdf विस्तार से देखें
3 वित्तीय वर्ष 2015-16 में कौशल सुधार प्रशिक्षण योजना एस०सी०एस०पी० मद अनुदान सं०-83 के अन्तर्गत शासन से प्राविघानित बजट रू० 150.00 लाख के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृति के क्रम में प्रशिक्षण केन्द्रवार/जनपदवार आवंटित धनराशि एवं प्रशिक्षण लक्ष्य के सापेक्ष प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम का तिथिवार विवरण 2.23 MB Eng 09.05.2017 04:43pm pdf विस्तार से देखें